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दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, गुरु, 3 जनवरी 2030

गुरु, 3 जनवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र मूल, योग गण्ड और करण शकुनि है। राहु काल दोपहर 12:46 – दोपहर 2:05 है।

सूर्योदय
सुबह 6:10
सूर्यास्त
शाम 4:44
तिथि
चतुर्दशी · सुबह 10:50 तक
नक्षत्र
मूल · रात 10:01 तक
योग
गण्ड
करण
शकुनि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 12:46 – दोपहर 2:05
यमगंड
सुबह 6:10 – सुबह 7:30
गुलिक काल
सुबह 8:49 – सुबह 10:08
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:01 – सुबह 11:49
अमृत काल
सुबह 10:47 – दोपहर 12:07

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आज गुवाहाटी में

गुरु, 3 जनवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र मूल, योग गण्ड और करण शकुनि है। राहु काल दोपहर 12:46 – दोपहर 2:05 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 4 जनवरी 2030अमावस्यापूर्वाषाढ़ासुबह 10:08 – सुबह 11:27
शनि, 5 जनवरी 2030प्रतिपदाउत्तराषाढ़ासुबह 8:49 – सुबह 10:09
रवि, 6 जनवरी 2030तृतीयाश्रवणदोपहर 3:26 – शाम 4:46
सोम, 7 जनवरी 2030चतुर्थीधनिष्ठासुबह 7:31 – सुबह 8:50
मंगल, 8 जनवरी 2030पंचमीशतभिषादोपहर 2:08 – दोपहर 3:28
बुध, 9 जनवरी 2030षष्ठीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:30 – दोपहर 12:49

सामान्य प्रश्न

गुरु, 3 जनवरी 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; सुबह 10:50 तक।

गुरु, 3 जनवरी 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; रात 10:01 तक।

गुरु, 3 जनवरी 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 12:46 – दोपहर 2:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 3 जनवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 4:44 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।