दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, सोम, 24 दिसंबर 2029
सोम, 24 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पुष्य, योग इन्द्र और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:26 – सुबह 8:45 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:07
- सूर्यास्त
- शाम 4:37
- तिथि
- तृतीया · सुबह 6:56 तक
- नक्षत्र
- पुष्य · सुबह 11:26 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:26 – सुबह 8:45
- यमगंड
- सुबह 10:03 – सुबह 11:22
- गुलिक काल
- दोपहर 12:41 – दोपहर 2:00
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:56 – सुबह 11:44
- अमृत काल
- सुबह 6:46 – सुबह 8:05
आज गुवाहाटी में
सोम, 24 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पुष्य, योग इन्द्र और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:26 – सुबह 8:45 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 25 दिसंबर 2029 | चतुर्थी | आश्लेषा | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:19 |
| बुध, 26 दिसंबर 2029 | पंचमी | मघा | सुबह 11:23 – दोपहर 12:42 |
| गुरु, 27 दिसंबर 2029 | सप्तमी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 12:42 – दोपहर 2:01 |
| शुक्र, 28 दिसंबर 2029 | अष्टमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 10:05 – सुबह 11:24 |
| शनि, 29 दिसंबर 2029 | नवमी | हस्त | सुबह 8:47 – सुबह 10:06 |
| रवि, 30 दिसंबर 2029 | दशमी | चित्रा | दोपहर 3:22 – शाम 4:41 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 24 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 6:56 तक।
सोम, 24 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; सुबह 11:26 तक।
सोम, 24 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 7:26 – सुबह 8:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 24 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:07 और सूर्यास्त शाम 4:37 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।