दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, शुक्र, 7 दिसंबर 2029
शुक्र, 7 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र मूल, योग शूल और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:14 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:57
- सूर्यास्त
- शाम 4:31
- तिथि
- द्वितीया · दोपहर 2:25 तक
- नक्षत्र
- मूल · सुबह 11:13 तक
- योग
- शूल
- करण
- कौलव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 9:55 – सुबह 11:14
- यमगंड
- दोपहर 1:52 – दोपहर 3:12
- गुलिक काल
- सुबह 7:16 – सुबह 8:35
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:48 – सुबह 11:36
- अमृत काल
- सुबह 11:54 – दोपहर 1:13
आज गुवाहाटी में
शुक्र, 7 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र मूल, योग शूल और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:14 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 8 दिसंबर 2029 | तृतीया | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 8:36 – सुबह 9:55 |
| रवि, 9 दिसंबर 2029 | चतुर्थी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:12 – शाम 4:31 |
| सोम, 10 दिसंबर 2029 | पंचमी | श्रवण | सुबह 7:18 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 11 दिसंबर 2029 | षष्ठी | धनिष्ठा | दोपहर 1:54 – दोपहर 3:13 |
| बुध, 12 दिसंबर 2029 | सप्तमी | शतभिषा | सुबह 11:16 – दोपहर 12:35 |
| गुरु, 13 दिसंबर 2029 | अष्टमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 12:36 – दोपहर 1:55 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 7 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; दोपहर 2:25 तक।
शुक्र, 7 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; सुबह 11:13 तक।
शुक्र, 7 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:14 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 7 दिसंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त शाम 4:31 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।