दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, बुध, 21 नवंबर 2029
बुध, 21 नवंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र कृत्तिका, योग वरीयान और करण बव है। राहु काल सुबह 11:08 – दोपहर 12:29 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:45
- सूर्यास्त
- शाम 4:31
- तिथि
- पूर्णिमा · सुबह 9:33 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · रात 7:55 तक
- योग
- वरीयान
- करण
- बव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:08 – दोपहर 12:29
- यमगंड
- सुबह 7:06 – सुबह 8:27
- गुलिक काल
- सुबह 9:48 – सुबह 11:08
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:41 – सुबह 11:29
- अमृत काल
- सुबह 9:07 – सुबह 10:28
आज गुवाहाटी में
बुध, 21 नवंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र कृत्तिका, योग वरीयान और करण बव है। राहु काल सुबह 11:08 – दोपहर 12:29 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 22 नवंबर 2029 | प्रतिपदा | रोहिणी | दोपहर 12:29 – दोपहर 1:50 |
| शुक्र, 23 नवंबर 2029 | द्वितीया | मृगशिरा | सुबह 9:48 – सुबह 11:09 |
| शनि, 24 नवंबर 2029 | तृतीया | आर्द्रा | सुबह 8:28 – सुबह 9:49 |
| रवि, 25 नवंबर 2029 | चतुर्थी | पुनर्वसु | दोपहर 3:10 – शाम 4:31 |
| सोम, 26 नवंबर 2029 | पंचमी | पुष्य | सुबह 7:09 – सुबह 8:29 |
| मंगल, 27 नवंबर 2029 | षष्ठी | पुष्य | दोपहर 1:50 – दोपहर 3:10 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 21 नवंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 9:33 तक।
बुध, 21 नवंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 7:55 तक।
बुध, 21 नवंबर 2029 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 11:08 – दोपहर 12:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 21 नवंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:45 और सूर्यास्त शाम 4:31 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।