दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, रवि, 30 सितंबर 2029
रवि, 30 सितंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:41 – शाम 5:10 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:10
- तिथि
- सप्तमी · दोपहर 1:49 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · दोपहर 12:47 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- दोपहर 3:41 – शाम 5:10
- यमगंड
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:42
- गुलिक काल
- दोपहर 2:11 – दोपहर 3:41
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:42 – सुबह 11:30
- अमृत काल
- सुबह 11:57 – दोपहर 1:27
आज गुवाहाटी में
रवि, 30 सितंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:41 – शाम 5:10 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 1 अक्टूबर 2029 | अष्टमी | आर्द्रा | सुबह 6:44 – सुबह 8:13 |
| मंगल, 2 अक्टूबर 2029 | नवमी | पुनर्वसु | दोपहर 2:10 – दोपहर 3:39 |
| बुध, 3 अक्टूबर 2029 | दशमी | पुष्य | सुबह 11:11 – दोपहर 12:40 |
| गुरु, 4 अक्टूबर 2029 | एकादशी | आश्लेषा | दोपहर 12:40 – दोपहर 2:08 |
| शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 | द्वादशी | मघा | सुबह 9:42 – सुबह 11:11 |
| शनि, 6 अक्टूबर 2029 | त्रयोदशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 8:14 – सुबह 9:42 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 30 सितंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; दोपहर 1:49 तक।
रवि, 30 सितंबर 2029 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; दोपहर 12:47 तक।
रवि, 30 सितंबर 2029 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 3:41 – शाम 5:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 30 सितंबर 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:14 और सूर्यास्त शाम 5:10 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।