दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, सोम, 6 अगस्त 2029
सोम, 6 अगस्त 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग ध्रुव और करण बालव है। राहु काल सुबह 6:30 – सुबह 8:10 है।
- सूर्योदय
- तड़के 4:51
- सूर्यास्त
- शाम 6:06
- तिथि
- एकादशी · सुबह 10:33 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · रात 7:48 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- बालव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 6:30 – सुबह 8:10
- यमगंड
- सुबह 9:49 – सुबह 11:28
- गुलिक काल
- दोपहर 1:08 – दोपहर 2:47
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:55 – सुबह 11:43
- अमृत काल
- तड़के 5:40 – सुबह 7:20
आज गुवाहाटी में
सोम, 6 अगस्त 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग ध्रुव और करण बालव है। राहु काल सुबह 6:30 – सुबह 8:10 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 7 अगस्त 2029 | द्वादशी | आर्द्रा | दोपहर 2:47 – शाम 4:26 |
| बुध, 8 अगस्त 2029 | त्रयोदशी | पुनर्वसु | सुबह 11:28 – दोपहर 1:07 |
| गुरु, 9 अगस्त 2029 | चतुर्दशी | पुष्य | दोपहर 1:07 – दोपहर 2:46 |
| शुक्र, 10 अगस्त 2029 | अमावस्या | आश्लेषा | सुबह 9:49 – सुबह 11:28 |
| शनि, 11 अगस्त 2029 | द्वितीया | मघा | सुबह 8:10 – सुबह 9:49 |
| रवि, 12 अगस्त 2029 | तृतीया | पूर्वा फाल्गुनी | शाम 4:23 – शाम 6:01 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 6 अगस्त 2029 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 10:33 तक।
सोम, 6 अगस्त 2029 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 7:48 तक।
सोम, 6 अगस्त 2029 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 6:30 – सुबह 8:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 6 अगस्त 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 4:51 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।