दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, शनि, 30 जून 2029
शनि, 30 जून 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:00 – सुबह 9:43 है।
- सूर्योदय
- तड़के 4:34
- सूर्यास्त
- शाम 6:19
- तिथि
- चतुर्थी · सुबह 6:00 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · दोपहर 2:22 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- बालव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:00 – सुबह 9:43
- यमगंड
- दोपहर 1:09 – दोपहर 2:53
- गुलिक काल
- तड़के 4:34 – सुबह 6:17
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:52 – सुबह 11:40
- अमृत काल
- दोपहर 2:01 – दोपहर 3:44
आज गुवाहाटी में
शनि, 30 जून 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:00 – सुबह 9:43 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 जुलाई 2029 | पंचमी | शतभिषा | शाम 4:36 – शाम 6:19 |
| सोम, 2 जुलाई 2029 | षष्ठी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 6:17 – सुबह 8:00 |
| मंगल, 3 जुलाई 2029 | सप्तमी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 2:53 – शाम 4:36 |
| बुध, 4 जुलाई 2029 | अष्टमी | रेवती | सुबह 11:27 – दोपहर 1:10 |
| गुरु, 5 जुलाई 2029 | नवमी | अश्विनी | दोपहर 1:10 – दोपहर 2:53 |
| शुक्र, 6 जुलाई 2029 | दशमी | भरणी | सुबह 9:44 – सुबह 11:27 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 30 जून 2029 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 6:00 तक।
शनि, 30 जून 2029 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; दोपहर 2:22 तक।
शनि, 30 जून 2029 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 8:00 – सुबह 9:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 30 जून 2029 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 4:34 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।