सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, बुध, 25 अगस्त 2032

बुध, 25 अगस्त 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र अश्विनी, योग शूल और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:22 – दोपहर 1:59 है।

सूर्योदय
तड़के 5:55
सूर्यास्त
शाम 6:50
तिथि
पंचमी · दोपहर 3:15 तक
नक्षत्र
अश्विनी · रात 11:44 तक
योग
शूल
करण
तैतिल
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:22 – दोपहर 1:59
यमगंड
सुबह 7:32 – सुबह 9:09
गुलिक काल
सुबह 10:46 – दोपहर 12:22
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
सुबह 9:57 – सुबह 11:34

पूरा पंचांग खोलें

आज दिल्ली में

बुध, 25 अगस्त 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र अश्विनी, योग शूल और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:22 – दोपहर 1:59 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 26 अगस्त 2032षष्ठीभरणीदोपहर 1:59 – दोपहर 3:35
शुक्र, 27 अगस्त 2032सप्तमीकृत्तिकासुबह 10:45 – दोपहर 12:22
शनि, 28 अगस्त 2032अष्टमीरोहिणीसुबह 9:09 – सुबह 10:45
रवि, 29 अगस्त 2032नवमीमृगशिराशाम 5:09 – शाम 6:45
सोम, 30 अगस्त 2032दशमीआर्द्रासुबह 7:34 – सुबह 9:09
मंगल, 31 अगस्त 2032एकादशीपुनर्वसुदोपहर 3:32 – शाम 5:07

सामान्य प्रश्न

बुध, 25 अगस्त 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; दोपहर 3:15 तक।

बुध, 25 अगस्त 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; रात 11:44 तक।

बुध, 25 अगस्त 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 12:22 – दोपहर 1:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 25 अगस्त 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:55 और सूर्यास्त शाम 6:50 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।