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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, गुरु, 10 जून 2032

गुरु, 10 जून 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र आर्द्रा, योग शूल और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:05 – दोपहर 3:49 है।

सूर्योदय
तड़के 5:22
सूर्यास्त
रात 7:18
तिथि
द्वितीया · सुबह 8:51 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · सुबह 9:48 तक
योग
शूल
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:05 – दोपहर 3:49
यमगंड
तड़के 5:22 – सुबह 7:07
गुलिक काल
सुबह 8:51 – सुबह 10:36
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
सुबह 11:28 – दोपहर 1:13

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आज दिल्ली में

गुरु, 10 जून 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र आर्द्रा, योग शूल और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:05 – दोपहर 3:49 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 11 जून 2032तृतीयापुनर्वसुसुबह 10:36 – दोपहर 12:20
शनि, 12 जून 2032चतुर्थीपुष्यसुबह 8:52 – सुबह 10:36
रवि, 13 जून 2032पंचमीआश्लेषाशाम 5:35 – रात 7:19
सोम, 14 जून 2032षष्ठीमघासुबह 7:07 – सुबह 8:52
मंगल, 15 जून 2032सप्तमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:51 – शाम 5:35
बुध, 16 जून 2032अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:22 – दोपहर 2:06

सामान्य प्रश्न

गुरु, 10 जून 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 8:51 तक।

गुरु, 10 जून 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 9:48 तक।

गुरु, 10 जून 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 2:05 – दोपहर 3:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 10 जून 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:22 और सूर्यास्त रात 7:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।