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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, मंगल, 18 मई 2032

मंगल, 18 मई 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मघा, योग ध्रुव और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:24 है।

सूर्योदय
तड़के 5:28
सूर्यास्त
रात 7:06
तिथि
नवमी · सुबह 6:35 तक
नक्षत्र
मघा · दोपहर 12:34 तक
योग
ध्रुव
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:42 – शाम 5:24
यमगंड
सुबह 8:53 – सुबह 10:35
गुलिक काल
दोपहर 12:17 – दोपहर 2:00
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 8:02 – सुबह 9:44

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आज दिल्ली में

मंगल, 18 मई 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मघा, योग ध्रुव और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:24 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 19 मई 2032नवमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:17 – दोपहर 2:00
गुरु, 20 मई 2032दशमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 2:00 – दोपहर 3:43
शुक्र, 21 मई 2032एकादशीहस्तसुबह 10:35 – दोपहर 12:17
शनि, 22 मई 2032द्वादशीचित्रासुबह 8:52 – सुबह 10:35
रवि, 23 मई 2032त्रयोदशीस्वातीशाम 5:26 – रात 7:09
सोम, 24 मई 2032चतुर्दशीविशाखासुबह 7:09 – सुबह 8:52

सामान्य प्रश्न

मंगल, 18 मई 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; सुबह 6:35 तक।

मंगल, 18 मई 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; दोपहर 12:34 तक।

मंगल, 18 मई 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 18 मई 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:28 और सूर्यास्त रात 7:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।