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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, गुरु, 29 अप्रैल 2032

गुरु, 29 अप्रैल 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग वरीयान और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:37 है।

सूर्योदय
तड़के 5:41
सूर्यास्त
शाम 6:55
तिथि
चतुर्थी · शाम 4:41 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · सुबह 10:49 तक
योग
वरीयान
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:57 – दोपहर 3:37
यमगंड
तड़के 5:41 – सुबह 7:21
गुलिक काल
सुबह 9:00 – सुबह 10:39
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
सुबह 11:29 – दोपहर 1:08

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आज दिल्ली में

गुरु, 29 अप्रैल 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग वरीयान और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:37 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 30 अप्रैल 2032पंचमीमूलसुबह 10:39 – दोपहर 12:18
शनि, 1 मई 2032षष्ठीपूर्वाषाढ़ासुबह 8:59 – सुबह 10:38
रवि, 2 मई 2032सप्तमीउत्तराषाढ़ाशाम 5:17 – शाम 6:57
सोम, 3 मई 2032अष्टमीश्रवणसुबह 7:18 – सुबह 8:58
मंगल, 4 मई 2032नवमीशतभिषादोपहर 3:38 – शाम 5:18
बुध, 5 मई 2032एकादशीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:18 – दोपहर 1:58

सामान्य प्रश्न

गुरु, 29 अप्रैल 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; शाम 4:41 तक।

गुरु, 29 अप्रैल 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; सुबह 10:49 तक।

गुरु, 29 अप्रैल 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 29 अप्रैल 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:41 और सूर्यास्त शाम 6:55 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।