सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, मंगल, 24 फ़रवरी 2032

मंगल, 24 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पुष्य, योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 4:51 है।

सूर्योदय
सुबह 6:51
सूर्यास्त
शाम 6:17
तिथि
त्रयोदशी · सुबह 8:30 तक
नक्षत्र
पुष्य · सुबह 8:19 तक
योग
सौभाग्य
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:25 – शाम 4:51
यमगंड
सुबह 9:43 – सुबह 11:08
गुलिक काल
दोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
अमृत काल
सुबह 9:00 – सुबह 10:26

पूरा पंचांग खोलें

आज दिल्ली में

मंगल, 24 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पुष्य, योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 4:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 25 फ़रवरी 2032चतुर्दशीआश्लेषादोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
गुरु, 26 फ़रवरी 2032पूर्णिमामघादोपहर 2:00 – दोपहर 3:26
शुक्र, 27 फ़रवरी 2032प्रतिपदापूर्वा फाल्गुनीसुबह 11:07 – दोपहर 12:34
शनि, 28 फ़रवरी 2032द्वितीयाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 9:40 – सुबह 11:07
रवि, 29 फ़रवरी 2032तृतीयाहस्तशाम 4:53 – शाम 6:20
सोम, 1 मार्च 2032चतुर्थीचित्रासुबह 8:12 – सुबह 9:39

सामान्य प्रश्न

मंगल, 24 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 8:30 तक।

मंगल, 24 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; सुबह 8:19 तक।

मंगल, 24 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 4:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 24 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:51 और सूर्यास्त शाम 6:17 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।