दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, शुक्र, 13 फ़रवरी 2032
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग परिघ और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 11:12 – दोपहर 12:35 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:01
- सूर्यास्त
- शाम 6:09
- तिथि
- तृतीया · रात 1:30 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · रात 8:31 तक
- योग
- परिघ
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:35
- यमगंड
- दोपहर 3:22 – शाम 4:45
- गुलिक काल
- सुबह 8:25 – सुबह 9:48
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- दोपहर 1:17 – दोपहर 2:40
आज दिल्ली में
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग परिघ और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 11:12 – दोपहर 12:35 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 14 फ़रवरी 2032 | चतुर्थी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:48 – सुबह 11:11 |
| रवि, 15 फ़रवरी 2032 | पंचमी | रेवती | शाम 4:47 – शाम 6:10 |
| सोम, 16 फ़रवरी 2032 | षष्ठी | अश्विनी | सुबह 8:23 – सुबह 9:47 |
| मंगल, 17 फ़रवरी 2032 | सप्तमी | भरणी | दोपहर 3:23 – शाम 4:48 |
| बुध, 18 फ़रवरी 2032 | अष्टमी | कृत्तिका | दोपहर 12:35 – दोपहर 1:59 |
| गुरु, 19 फ़रवरी 2032 | नवमी | रोहिणी | दोपहर 1:59 – दोपहर 3:24 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 1:30 तक।
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 8:31 तक।
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 11:12 – दोपहर 12:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:01 और सूर्यास्त शाम 6:09 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।