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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, मंगल, 6 जनवरी 2032

मंगल, 6 जनवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र हस्त, योग शोभन और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:02 – शाम 4:20 है।

सूर्योदय
सुबह 7:14
सूर्यास्त
शाम 5:38
तिथि
अष्टमी · दोपहर 3:58 तक
नक्षत्र
हस्त · सुबह 8:22 तक
योग
शोभन
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:02 – शाम 4:20
यमगंड
सुबह 9:50 – सुबह 11:08
गुलिक काल
दोपहर 12:26 – दोपहर 1:44
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
अमृत काल
सुबह 9:11 – सुबह 10:29

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आज दिल्ली में

मंगल, 6 जनवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र हस्त, योग शोभन और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:02 – शाम 4:20 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 7 जनवरी 2032नवमीचित्रादोपहर 12:27 – दोपहर 1:45
गुरु, 8 जनवरी 2032दशमीस्वातीदोपहर 1:45 – दोपहर 3:03
शुक्र, 9 जनवरी 2032एकादशीविशाखासुबह 11:09 – दोपहर 12:28
शनि, 10 जनवरी 2032द्वादशीअनुराधासुबह 9:51 – सुबह 11:10
रवि, 11 जनवरी 2032त्रयोदशीमूलशाम 4:24 – शाम 5:42
सोम, 12 जनवरी 2032अमावस्यापूर्वाषाढ़ासुबह 8:33 – सुबह 9:52

सामान्य प्रश्न

मंगल, 6 जनवरी 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 3:58 तक।

मंगल, 6 जनवरी 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; सुबह 8:22 तक।

मंगल, 6 जनवरी 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 3:02 – शाम 4:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 6 जनवरी 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 7:14 और सूर्यास्त शाम 5:38 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।