दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, शनि, 8 नवंबर 2031
शनि, 8 नवंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग शुभ और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:21 – सुबह 10:42 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:37
- सूर्यास्त
- शाम 5:31
- तिथि
- नवमी · रात 3:43 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · सुबह 7:52 तक
- योग
- शुभ
- करण
- तैतिल
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:21 – सुबह 10:42
- यमगंड
- दोपहर 1:26 – दोपहर 2:48
- गुलिक काल
- सुबह 6:37 – सुबह 7:59
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
- अमृत काल
- दोपहर 2:07 – दोपहर 3:28
आज दिल्ली में
शनि, 8 नवंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग शुभ और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:21 – सुबह 10:42 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 9 नवंबर 2031 | दशमी | मघा | शाम 4:09 – शाम 5:30 |
| सोम, 10 नवंबर 2031 | एकादशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 8:00 – सुबह 9:22 |
| मंगल, 11 नवंबर 2031 | एकादशी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 2:47 – शाम 4:08 |
| बुध, 12 नवंबर 2031 | द्वादशी | हस्त | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26 |
| गुरु, 13 नवंबर 2031 | त्रयोदशी | चित्रा | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:46 |
| शुक्र, 14 नवंबर 2031 | अमावस्या | स्वाती | सुबह 10:44 – दोपहर 12:05 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 8 नवंबर 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 3:43 तक।
शनि, 8 नवंबर 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 7:52 तक।
शनि, 8 नवंबर 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 9:21 – सुबह 10:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 8 नवंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:37 और सूर्यास्त शाम 5:31 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।