दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, शनि, 11 अक्टूबर 2031
शनि, 11 अक्टूबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग सिद्ध और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:13 – सुबह 10:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:19
- सूर्यास्त
- शाम 5:56
- तिथि
- दशमी · सुबह 10:15 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · रात 11:24 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- विष्टि
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:13 – सुबह 10:40
- यमगंड
- दोपहर 1:34 – दोपहर 3:02
- गुलिक काल
- सुबह 6:19 – सुबह 7:46
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- दोपहर 2:18 – दोपहर 3:45
आज दिल्ली में
शनि, 11 अक्टूबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग सिद्ध और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:13 – सुबह 10:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 12 अक्टूबर 2031 | एकादशी | मघा | शाम 4:28 – शाम 5:55 |
| सोम, 13 अक्टूबर 2031 | द्वादशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:47 – सुबह 9:13 |
| मंगल, 14 अक्टूबर 2031 | त्रयोदशी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 3:00 – शाम 4:26 |
| बुध, 15 अक्टूबर 2031 | चतुर्दशी | हस्त | दोपहर 12:06 – दोपहर 1:33 |
| गुरु, 16 अक्टूबर 2031 | अमावस्या | चित्रा | दोपहर 1:32 – दोपहर 2:58 |
| शुक्र, 17 अक्टूबर 2031 | प्रतिपदा | स्वाती | सुबह 10:40 – दोपहर 12:06 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 11 अक्टूबर 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 10:15 तक।
शनि, 11 अक्टूबर 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 11:24 तक।
शनि, 11 अक्टूबर 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 9:13 – सुबह 10:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 11 अक्टूबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 5:56 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।