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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, गुरु, 28 अगस्त 2031

गुरु, 28 अगस्त 2031 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग विष्कम्भ और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:58 – दोपहर 3:34 है।

सूर्योदय
तड़के 5:57
सूर्यास्त
शाम 6:47
तिथि
दशमी · सुबह 6:54 तक
नक्षत्र
मूल · सुबह 11:56 तक
योग
विष्कम्भ
करण
गर
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:58 – दोपहर 3:34
यमगंड
तड़के 5:57 – सुबह 7:33
गुलिक काल
सुबह 9:09 – सुबह 10:45
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
सुबह 11:34 – दोपहर 1:10

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आज दिल्ली में

गुरु, 28 अगस्त 2031 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग विष्कम्भ और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:58 – दोपहर 3:34 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 29 अगस्त 2031द्वादशीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:45 – दोपहर 12:22
शनि, 30 अगस्त 2031त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासुबह 9:09 – सुबह 10:45
रवि, 31 अगस्त 2031चतुर्दशीधनिष्ठाशाम 5:08 – शाम 6:44
सोम, 1 सितंबर 2031पूर्णिमाशतभिषासुबह 7:34 – सुबह 9:10
मंगल, 2 सितंबर 2031प्रतिपदापूर्वा भाद्रपददोपहर 3:31 – शाम 5:06
बुध, 3 सितंबर 2031द्वितीयाउत्तरा भाद्रपददोपहर 12:20 – दोपहर 1:55

सामान्य प्रश्न

गुरु, 28 अगस्त 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 6:54 तक।

गुरु, 28 अगस्त 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; सुबह 11:56 तक।

गुरु, 28 अगस्त 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 1:58 – दोपहर 3:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 28 अगस्त 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त शाम 6:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।