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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, गुरु, 17 जुलाई 2031

गुरु, 17 जुलाई 2031 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग वृद्धि और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:10 – दोपहर 3:53 है।

सूर्योदय
तड़के 5:34
सूर्यास्त
रात 7:20
तिथि
त्रयोदशी · दोपहर 2:13 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · दोपहर 2:56 तक
योग
वृद्धि
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:10 – दोपहर 3:53
यमगंड
तड़के 5:34 – सुबह 7:17
गुलिक काल
सुबह 9:00 – सुबह 10:43
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
अमृत काल
सुबह 11:35 – दोपहर 1:18

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आज दिल्ली में

गुरु, 17 जुलाई 2031 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग वृद्धि और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:10 – दोपहर 3:53 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 18 जुलाई 2031चतुर्दशीआर्द्रासुबह 10:44 – दोपहर 12:27
शनि, 19 जुलाई 2031अमावस्यापुनर्वसुसुबह 9:01 – सुबह 10:44
रवि, 20 जुलाई 2031प्रतिपदापुष्यशाम 5:36 – रात 7:19
सोम, 21 जुलाई 2031द्वितीयाआश्लेषासुबह 7:19 – सुबह 9:01
मंगल, 22 जुलाई 2031तृतीयामघादोपहर 3:52 – शाम 5:35
बुध, 23 जुलाई 2031चतुर्थीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:27 – दोपहर 2:10

सामान्य प्रश्न

गुरु, 17 जुलाई 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 2:13 तक।

गुरु, 17 जुलाई 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; दोपहर 2:56 तक।

गुरु, 17 जुलाई 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 2:10 – दोपहर 3:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 17 जुलाई 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त रात 7:20 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।