दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, सोम, 26 मई 2031
सोम, 26 मई 2031 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग शूल और करण बव है। राहु काल सुबह 7:08 – सुबह 8:51 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:25
- सूर्यास्त
- रात 7:11
- तिथि
- पंचमी · रात 12:17 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · सुबह 8:42 तक
- योग
- शूल
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:08 – सुबह 8:51
- यमगंड
- सुबह 10:35 – दोपहर 12:18
- गुलिक काल
- दोपहर 2:01 – दोपहर 3:44
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
- अमृत काल
- सुबह 6:17 – सुबह 8:00
आज दिल्ली में
सोम, 26 मई 2031 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग शूल और करण बव है। राहु काल सुबह 7:08 – सुबह 8:51 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 27 मई 2031 | षष्ठी | पुष्य | दोपहर 3:45 – शाम 5:28 |
| बुध, 28 मई 2031 | सप्तमी | आश्लेषा | दोपहर 12:18 – दोपहर 2:01 |
| गुरु, 29 मई 2031 | अष्टमी | मघा | दोपहर 2:02 – दोपहर 3:45 |
| शुक्र, 30 मई 2031 | नवमी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 10:35 – दोपहर 12:18 |
| शनि, 31 मई 2031 | नवमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 8:51 – सुबह 10:35 |
| रवि, 1 जून 2031 | एकादशी | हस्त | शाम 5:30 – रात 7:14 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 26 मई 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 12:17 तक।
सोम, 26 मई 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; सुबह 8:42 तक।
सोम, 26 मई 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 7:08 – सुबह 8:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 26 मई 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:25 और सूर्यास्त रात 7:11 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।