दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, शनि, 29 मार्च 2031
शनि, 29 मार्च 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र रोहिणी, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:20 – सुबह 10:53 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:15
- सूर्यास्त
- शाम 6:37
- तिथि
- षष्ठी · दोपहर 2:12 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · सुबह 8:28 तक
- योग
- प्रीति
- करण
- तैतिल
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:20 – सुबह 10:53
- यमगंड
- दोपहर 1:59 – दोपहर 3:31
- गुलिक काल
- सुबह 6:15 – सुबह 7:48
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:55 – दोपहर 12:43
- अमृत काल
- दोपहर 2:45 – शाम 4:18
आज दिल्ली में
शनि, 29 मार्च 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र रोहिणी, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:20 – सुबह 10:53 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 30 मार्च 2031 | सप्तमी | मृगशिरा | शाम 5:04 – शाम 6:37 |
| सोम, 31 मार्च 2031 | अष्टमी | आर्द्रा | सुबह 7:46 – सुबह 9:19 |
| मंगल, 1 अप्रैल 2031 | नवमी | पुनर्वसु | दोपहर 3:32 – शाम 5:05 |
| बुध, 2 अप्रैल 2031 | दशमी | पुष्य | दोपहर 12:25 – दोपहर 1:58 |
| गुरु, 3 अप्रैल 2031 | एकादशी | आश्लेषा | दोपहर 1:58 – दोपहर 3:32 |
| शुक्र, 4 अप्रैल 2031 | द्वादशी | मघा | सुबह 10:50 – दोपहर 12:24 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 29 मार्च 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; दोपहर 2:12 तक।
शनि, 29 मार्च 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; सुबह 8:28 तक।
शनि, 29 मार्च 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 9:20 – सुबह 10:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 29 मार्च 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 6:37 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।