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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, रवि, 2 मार्च 2031

रवि, 2 मार्च 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल शाम 4:54 – शाम 6:21 है।

सूर्योदय
सुबह 6:45
सूर्यास्त
शाम 6:21
तिथि
नवमी · रात 1:30 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · रात 3:22 तक
योग
Vishkumbha
करण
बालव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:54 – शाम 6:21
यमगंड
दोपहर 12:33 – दोपहर 2:00
गुलिक काल
दोपहर 3:27 – शाम 4:54
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:04 – दोपहर 12:52
अमृत काल
दोपहर 1:17 – दोपहर 2:44

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आज दिल्ली में

रवि, 2 मार्च 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल शाम 4:54 – शाम 6:21 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 3 मार्च 2031दशमीआर्द्रासुबह 8:11 – सुबह 9:38
मंगल, 4 मार्च 2031एकादशीआर्द्रादोपहर 3:27 – शाम 4:55
बुध, 5 मार्च 2031एकादशीपुनर्वसुदोपहर 12:32 – दोपहर 2:00
गुरु, 6 मार्च 2031द्वादशीपुष्यदोपहर 2:00 – दोपहर 3:28
शुक्र, 7 मार्च 2031त्रयोदशीआश्लेषासुबह 11:04 – दोपहर 12:32
शनि, 8 मार्च 2031चतुर्दशीमघासुबह 9:35 – सुबह 11:03

सामान्य प्रश्न

रवि, 2 मार्च 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 1:30 तक।

रवि, 2 मार्च 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 3:22 तक।

रवि, 2 मार्च 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल शाम 4:54 – शाम 6:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 2 मार्च 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।