सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, शनि, 22 फ़रवरी 2031

शनि, 22 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र शतभिषा, योग परिघ और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 9:44 – सुबह 11:09 है।

सूर्योदय
सुबह 6:53
सूर्यास्त
शाम 6:16
तिथि
प्रतिपदा · रात 7:06 तक
नक्षत्र
शतभिषा · शाम 4:39 तक
योग
परिघ
करण
किंस्तुघ्न
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:44 – सुबह 11:09
यमगंड
दोपहर 2:00 – दोपहर 3:25
गुलिक काल
सुबह 6:53 – सुबह 8:18
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
अमृत काल
दोपहर 2:42 – शाम 4:08

पूरा पंचांग खोलें

आज दिल्ली में

शनि, 22 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र शतभिषा, योग परिघ और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 9:44 – सुबह 11:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 23 फ़रवरी 2031द्वितीयापूर्वा भाद्रपदशाम 4:51 – शाम 6:16
सोम, 24 फ़रवरी 2031तृतीयाउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:17 – सुबह 9:43
मंगल, 25 फ़रवरी 2031चतुर्थीरेवतीदोपहर 3:26 – शाम 4:52
बुध, 26 फ़रवरी 2031पंचमीअश्विनीदोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
गुरु, 27 फ़रवरी 2031षष्ठीभरणीदोपहर 2:00 – दोपहर 3:26
शुक्र, 28 फ़रवरी 2031सप्तमीकृत्तिकासुबह 11:07 – दोपहर 12:33

सामान्य प्रश्न

शनि, 22 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 7:06 तक।

शनि, 22 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; शाम 4:39 तक।

शनि, 22 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल सुबह 9:44 – सुबह 11:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 22 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:53 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।