दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, बुध, 12 फ़रवरी 2031
बुध, 12 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र हस्त, योग धृति और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 1:58 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:08
- तिथि
- पंचमी · रात 7:17 तक
- नक्षत्र
- हस्त · सुबह 8:28 तक
- योग
- धृति
- करण
- कौलव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:35 – दोपहर 1:58
- यमगंड
- सुबह 8:25 – सुबह 9:48
- गुलिक काल
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:35
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- सुबह 10:30 – सुबह 11:53
आज दिल्ली में
बुध, 12 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र हस्त, योग धृति और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 1:58 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 13 फ़रवरी 2031 | षष्ठी | चित्रा | दोपहर 1:59 – दोपहर 3:22 |
| शुक्र, 14 फ़रवरी 2031 | सप्तमी | स्वाती | सुबह 11:11 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 15 फ़रवरी 2031 | अष्टमी | विशाखा | सुबह 9:47 – सुबह 11:11 |
| रवि, 16 फ़रवरी 2031 | नवमी | अनुराधा | शाम 4:47 – शाम 6:11 |
| सोम, 17 फ़रवरी 2031 | दशमी | मूल | सुबह 8:22 – सुबह 9:46 |
| मंगल, 18 फ़रवरी 2031 | एकादशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 3:24 – शाम 4:48 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 12 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 7:17 तक।
बुध, 12 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; सुबह 8:28 तक।
बुध, 12 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 1:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 12 फ़रवरी 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:02 और सूर्यास्त शाम 6:08 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।