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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, शनि, 26 अक्टूबर 2030

शनि, 26 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र चित्रा, योग Vishkumbha और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:40 है।

सूर्योदय
सुबह 6:28
सूर्यास्त
शाम 5:41
तिथि
अमावस्या · रात 1:46 तक
नक्षत्र
चित्रा · रात 9:42 तक
योग
Vishkumbha
करण
चतुष्पद
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:16 – सुबह 10:40
यमगंड
दोपहर 1:28 – दोपहर 2:53
गुलिक काल
सुबह 6:28 – सुबह 7:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
दोपहर 2:11 – दोपहर 3:35

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आज दिल्ली में

शनि, 26 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र चित्रा, योग Vishkumbha और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:40 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 27 अक्टूबर 2030प्रतिपदास्वातीशाम 4:16 – शाम 5:40
सोम, 28 अक्टूबर 2030द्वितीयाविशाखासुबह 7:53 – सुबह 9:17
मंगल, 29 अक्टूबर 2030तृतीयाअनुराधादोपहर 2:51 – शाम 4:15
बुध, 30 अक्टूबर 2030चतुर्थीज्येष्ठादोपहर 12:04 – दोपहर 1:27
गुरु, 31 अक्टूबर 2030पंचमीमूलदोपहर 1:27 – दोपहर 2:50
शुक्र, 1 नवंबर 2030षष्ठीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:41 – दोपहर 12:04

सामान्य प्रश्न

शनि, 26 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 1:46 तक।

शनि, 26 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; रात 9:42 तक।

शनि, 26 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 26 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 5:41 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।