दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, सोम, 7 अक्टूबर 2030
सोम, 7 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:13 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:00
- तिथि
- एकादशी · शाम 4:31 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · रात 1:00 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:45 – सुबह 9:13
- यमगंड
- सुबह 10:40 – दोपहर 12:08
- गुलिक काल
- दोपहर 1:36 – दोपहर 3:04
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
- अमृत काल
- सुबह 7:01 – सुबह 8:29
आज दिल्ली में
सोम, 7 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:13 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 8 अक्टूबर 2030 | द्वादशी | शतभिषा | दोपहर 3:03 – शाम 4:31 |
| बुध, 9 अक्टूबर 2030 | त्रयोदशी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 12:08 – दोपहर 1:35 |
| गुरु, 10 अक्टूबर 2030 | चतुर्दशी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:35 – दोपहर 3:02 |
| शुक्र, 11 अक्टूबर 2030 | पूर्णिमा | रेवती | सुबह 10:40 – दोपहर 12:07 |
| शनि, 12 अक्टूबर 2030 | प्रतिपदा | अश्विनी | सुबह 9:13 – सुबह 10:40 |
| रवि, 13 अक्टूबर 2030 | द्वितीया | अश्विनी | शाम 4:27 – शाम 5:53 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 7 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 4:31 तक।
सोम, 7 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 1:00 तक।
सोम, 7 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 7 अक्टूबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:00 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।