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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, बुध, 22 मई 2030

बुध, 22 मई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शुभ और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:17 – दोपहर 2:00 है।

सूर्योदय
तड़के 5:27
सूर्यास्त
रात 7:08
तिथि
षष्ठी · रात 11:27 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · सुबह 7:01 तक
योग
शुभ
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:17 – दोपहर 2:00
यमगंड
सुबह 7:09 – सुबह 8:52
गुलिक काल
सुबह 10:35 – दोपहर 12:17
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 9:43 – सुबह 11:26

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आज दिल्ली में

बुध, 22 मई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शुभ और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:17 – दोपहर 2:00 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 23 मई 2030सप्तमीश्रवणदोपहर 2:00 – दोपहर 3:43
शुक्र, 24 मई 2030अष्टमीधनिष्ठासुबह 10:35 – दोपहर 12:18
शनि, 25 मई 2030नवमीशतभिषासुबह 8:52 – सुबह 10:35
रवि, 26 मई 2030दशमीपूर्वा भाद्रपदशाम 5:28 – रात 7:11
सोम, 27 मई 2030एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:08 – सुबह 8:51
मंगल, 28 मई 2030द्वादशीरेवतीदोपहर 3:45 – शाम 5:28

सामान्य प्रश्न

बुध, 22 मई 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 11:27 तक।

बुध, 22 मई 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; सुबह 7:01 तक।

बुध, 22 मई 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 12:17 – दोपहर 2:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 22 मई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:27 और सूर्यास्त रात 7:08 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।