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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, रवि, 5 मई 2030

रवि, 5 मई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र रोहिणी, योग शोभन और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:18 – शाम 6:58 है।

सूर्योदय
तड़के 5:37
सूर्यास्त
शाम 6:58
तिथि
तृतीया · रात 3:28 तक
नक्षत्र
रोहिणी · रात 7:39 तक
योग
शोभन
करण
तैतिल
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:18 – शाम 6:58
यमगंड
दोपहर 12:18 – दोपहर 1:58
गुलिक काल
दोपहर 3:38 – शाम 5:18
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
दोपहर 1:08 – दोपहर 2:48

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आज दिल्ली में

रवि, 5 मई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र रोहिणी, योग शोभन और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:18 – शाम 6:58 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 6 मई 2030चतुर्थीमृगशिरासुबह 7:17 – सुबह 8:57
मंगल, 7 मई 2030चतुर्थीआर्द्रादोपहर 3:38 – शाम 5:19
बुध, 8 मई 2030पंचमीपुनर्वसुदोपहर 12:17 – दोपहर 1:58
गुरु, 9 मई 2030षष्ठीपुष्यदोपहर 1:58 – दोपहर 3:39
शुक्र, 10 मई 2030सप्तमीआश्लेषासुबह 10:36 – दोपहर 12:17
शनि, 11 मई 2030अष्टमीआश्लेषासुबह 8:55 – सुबह 10:36

सामान्य प्रश्न

रवि, 5 मई 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 3:28 तक।

रवि, 5 मई 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 7:39 तक।

रवि, 5 मई 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल शाम 5:18 – शाम 6:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 5 मई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:37 और सूर्यास्त शाम 6:58 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।