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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, बुध, 3 अप्रैल 2030

बुध, 3 अप्रैल 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र रेवती, योग ब्रह्म और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 12:24 – दोपहर 1:58 है।

सूर्योदय
सुबह 6:09
सूर्यास्त
शाम 6:40
तिथि
प्रतिपदा · तड़के 5:18 तक
नक्षत्र
रेवती · रात 1:22 तक
योग
ब्रह्म
करण
किंस्तुघ्न
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:24 – दोपहर 1:58
यमगंड
सुबह 7:43 – सुबह 9:16
गुलिक काल
सुबह 10:50 – दोपहर 12:24
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
अमृत काल
सुबह 10:03 – सुबह 11:37

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आज दिल्ली में

बुध, 3 अप्रैल 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र रेवती, योग ब्रह्म और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 12:24 – दोपहर 1:58 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 4 अप्रैल 2030द्वितीयाअश्विनीदोपहर 1:58 – दोपहर 3:32
शुक्र, 5 अप्रैल 2030द्वितीयाभरणीसुबह 10:49 – दोपहर 12:24
शनि, 6 अप्रैल 2030तृतीयाभरणीसुबह 9:14 – सुबह 10:49
रवि, 7 अप्रैल 2030चतुर्थीकृत्तिकाशाम 5:07 – शाम 6:42
सोम, 8 अप्रैल 2030पंचमीरोहिणीसुबह 7:38 – सुबह 9:13
मंगल, 9 अप्रैल 2030षष्ठीमृगशिरादोपहर 3:33 – शाम 5:08

सामान्य प्रश्न

बुध, 3 अप्रैल 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; तड़के 5:18 तक।

बुध, 3 अप्रैल 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; रात 1:22 तक।

बुध, 3 अप्रैल 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 12:24 – दोपहर 1:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 3 अप्रैल 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त शाम 6:40 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।