सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

कोयंबटूर पंचांग, शनि, 2 अक्टूबर 2032

शनि, 2 अक्टूबर 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:11 – सुबह 10:41 है।

सूर्योदय
सुबह 6:10
सूर्यास्त
शाम 6:11
तिथि
त्रयोदशी · दोपहर 2:30 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · रात 1:07 तक
योग
साध्य
करण
वणिज
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:11 – सुबह 10:41
यमगंड
दोपहर 1:41 – दोपहर 3:11
गुलिक काल
सुबह 6:10 – सुबह 7:41
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
अमृत काल
दोपहर 2:26 – दोपहर 3:56

पूरा पंचांग खोलें

आज कोयंबटूर में

शनि, 2 अक्टूबर 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:11 – सुबह 10:41 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोयंबटूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 3 अक्टूबर 2032चतुर्दशीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:41 – शाम 6:11
सोम, 4 अक्टूबर 2032अमावस्याहस्तसुबह 7:40 – सुबह 9:10
मंगल, 5 अक्टूबर 2032प्रतिपदाहस्तदोपहर 3:10 – शाम 4:39
बुध, 6 अक्टूबर 2032द्वितीयाचित्रादोपहर 12:10 – दोपहर 1:39
गुरु, 7 अक्टूबर 2032तृतीयास्वातीदोपहर 1:39 – दोपहर 3:09
शुक्र, 8 अक्टूबर 2032चतुर्थीविशाखासुबह 10:39 – दोपहर 12:09

सामान्य प्रश्न

शनि, 2 अक्टूबर 2032 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 2:30 तक।

शनि, 2 अक्टूबर 2032 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 1:07 तक।

शनि, 2 अक्टूबर 2032 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?

कोयंबटूर में राहु काल सुबह 9:11 – सुबह 10:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 2 अक्टूबर 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 6:11 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।