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दैनिक पंचांग

कोयंबटूर पंचांग, गुरु, 16 सितंबर 2032

गुरु, 16 सितंबर 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र श्रवण, योग शोभन और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:19 है।

सूर्योदय
सुबह 6:11
सूर्यास्त
शाम 6:21
तिथि
द्वादशी · रात 2:02 तक
नक्षत्र
श्रवण · रात 12:39 तक
योग
शोभन
करण
बव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:48 – दोपहर 3:19
यमगंड
सुबह 6:11 – सुबह 7:42
गुलिक काल
सुबह 9:14 – सुबह 10:45
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:46 – दोपहर 12:34
अमृत काल
सुबह 11:31 – दोपहर 1:02

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आज कोयंबटूर में

गुरु, 16 सितंबर 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र श्रवण, योग शोभन और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:19 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोयंबटूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 17 सितंबर 2032त्रयोदशीधनिष्ठासुबह 10:45 – दोपहर 12:16
शनि, 18 सितंबर 2032चतुर्दशीशतभिषासुबह 9:13 – सुबह 10:44
रवि, 19 सितंबर 2032पूर्णिमापूर्वा भाद्रपदशाम 4:48 – शाम 6:19
सोम, 20 सितंबर 2032प्रतिपदाउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:42 – सुबह 9:13
मंगल, 21 सितंबर 2032द्वितीयारेवतीदोपहर 3:16 – शाम 4:47
बुध, 22 सितंबर 2032तृतीयाअश्विनीदोपहर 12:14 – दोपहर 1:45

सामान्य प्रश्न

गुरु, 16 सितंबर 2032 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 2:02 तक।

गुरु, 16 सितंबर 2032 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 12:39 तक।

गुरु, 16 सितंबर 2032 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?

कोयंबटूर में राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 16 सितंबर 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।