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दैनिक पंचांग

कोयंबटूर पंचांग, रवि, 4 जुलाई 2032

रवि, 4 जुलाई 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग धृति और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:13 – शाम 6:49 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:49
तिथि
द्वादशी · शाम 5:09 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · सुबह 11:59 तक
योग
धृति
करण
तैतिल
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:13 – शाम 6:49
यमगंड
दोपहर 12:26 – दोपहर 2:02
गुलिक काल
दोपहर 3:37 – शाम 5:13
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
दोपहर 1:14 – दोपहर 2:50

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आज कोयंबटूर में

रवि, 4 जुलाई 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग धृति और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:13 – शाम 6:49 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोयंबटूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 5 जुलाई 2032त्रयोदशीरोहिणीसुबह 7:40 – सुबह 9:15
मंगल, 6 जुलाई 2032चतुर्दशीमृगशिरादोपहर 3:38 – शाम 5:13
बुध, 7 जुलाई 2032अमावस्याआर्द्रादोपहर 12:27 – दोपहर 2:02
गुरु, 8 जुलाई 2032प्रतिपदापुनर्वसुदोपहर 2:02 – दोपहर 3:38
शुक्र, 9 जुलाई 2032द्वितीयापुष्यसुबह 10:51 – दोपहर 12:27
शनि, 10 जुलाई 2032तृतीयाआश्लेषासुबह 9:16 – सुबह 10:52

सामान्य प्रश्न

रवि, 4 जुलाई 2032 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 5:09 तक।

रवि, 4 जुलाई 2032 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 11:59 तक।

रवि, 4 जुलाई 2032 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?

कोयंबटूर में राहु काल शाम 5:13 – शाम 6:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 4 जुलाई 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:49 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।