दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, शनि, 19 जून 2032
शनि, 19 जून 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र स्वाती, योग वरीयान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:12 – सुबह 10:47 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:00
- सूर्यास्त
- शाम 6:46
- तिथि
- एकादशी · रात 11:57 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · तड़के 5:58 तक
- योग
- वरीयान
- करण
- वणिज
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:12 – सुबह 10:47
- यमगंड
- दोपहर 1:59 – दोपहर 3:35
- गुलिक काल
- सुबह 6:00 – सुबह 7:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- दोपहर 2:47 – शाम 4:23
आज कोयंबटूर में
शनि, 19 जून 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र स्वाती, योग वरीयान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:12 – सुबह 10:47 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 20 जून 2032 | द्वादशी | स्वाती | शाम 5:11 – शाम 6:46 |
| सोम, 21 जून 2032 | त्रयोदशी | विशाखा | सुबह 7:36 – सुबह 9:12 |
| मंगल, 22 जून 2032 | चतुर्दशी | ज्येष्ठा | दोपहर 3:35 – शाम 5:11 |
| बुध, 23 जून 2032 | पूर्णिमा | मूल | दोपहर 12:24 – दोपहर 2:00 |
| गुरु, 24 जून 2032 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:36 |
| शुक्र, 25 जून 2032 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:49 – दोपहर 12:24 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 19 जून 2032 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 11:57 तक।
शनि, 19 जून 2032 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; तड़के 5:58 तक।
शनि, 19 जून 2032 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल सुबह 9:12 – सुबह 10:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 19 जून 2032 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:46 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।