दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, रवि, 5 अक्टूबर 2031
रवि, 5 अक्टूबर 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग वज्र और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:10 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:10
- सूर्यास्त
- शाम 6:10
- तिथि
- पंचमी · रात 11:08 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · सुबह 7:40 तक
- योग
- वज्र
- करण
- कौलव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:40 – शाम 6:10
- यमगंड
- दोपहर 12:10 – दोपहर 1:40
- गुलिक काल
- दोपहर 3:10 – शाम 4:40
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- दोपहर 12:55 – दोपहर 2:25
आज कोयंबटूर में
रवि, 5 अक्टूबर 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग वज्र और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:10 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 6 अक्टूबर 2031 | षष्ठी | रोहिणी | सुबह 7:40 – सुबह 9:10 |
| मंगल, 7 अक्टूबर 2031 | सप्तमी | मृगशिरा | दोपहर 3:09 – शाम 4:39 |
| बुध, 8 अक्टूबर 2031 | अष्टमी | आर्द्रा | दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39 |
| गुरु, 9 अक्टूबर 2031 | अष्टमी | पुनर्वसु | दोपहर 1:39 – दोपहर 3:08 |
| शुक्र, 10 अक्टूबर 2031 | नवमी | पुष्य | सुबह 10:39 – दोपहर 12:09 |
| शनि, 11 अक्टूबर 2031 | दशमी | आश्लेषा | सुबह 9:09 – सुबह 10:39 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 5 अक्टूबर 2031 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 11:08 तक।
रवि, 5 अक्टूबर 2031 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 7:40 तक।
रवि, 5 अक्टूबर 2031 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 5 अक्टूबर 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।