दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, रवि, 10 अगस्त 2031
रवि, 10 अगस्त 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र भरणी, योग गण्ड और करण बालव है। राहु काल शाम 5:09 – शाम 6:43 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:11
- सूर्यास्त
- शाम 6:43
- तिथि
- अष्टमी · शाम 6:31 तक
- नक्षत्र
- भरणी · दोपहर 1:09 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- बालव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:09 – शाम 6:43
- यमगंड
- दोपहर 12:27 – दोपहर 2:01
- गुलिक काल
- दोपहर 3:35 – शाम 5:09
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:56 – दोपहर 12:44
- अमृत काल
- दोपहर 1:14 – दोपहर 2:48
आज कोयंबटूर में
रवि, 10 अगस्त 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र भरणी, योग गण्ड और करण बालव है। राहु काल शाम 5:09 – शाम 6:43 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 11 अगस्त 2031 | नवमी | कृत्तिका | सुबह 7:45 – सुबह 9:19 |
| मंगल, 12 अगस्त 2031 | दशमी | रोहिणी | दोपहर 3:34 – शाम 5:08 |
| बुध, 13 अगस्त 2031 | एकादशी | मृगशिरा | दोपहर 12:27 – दोपहर 2:00 |
| गुरु, 14 अगस्त 2031 | द्वादशी | आर्द्रा | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:34 |
| शुक्र, 15 अगस्त 2031 | त्रयोदशी | पुनर्वसु | सुबह 10:53 – दोपहर 12:26 |
| शनि, 16 अगस्त 2031 | त्रयोदशी | पुष्य | सुबह 9:19 – सुबह 10:52 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 10 अगस्त 2031 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 6:31 तक।
रवि, 10 अगस्त 2031 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; दोपहर 1:09 तक।
रवि, 10 अगस्त 2031 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल शाम 5:09 – शाम 6:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 10 अगस्त 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 6:43 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।