दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, बुध, 4 जून 2031
बुध, 4 जून 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र विशाखा, योग परिघ और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:56 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:42
- तिथि
- चतुर्दशी · रात 8:51 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · दोपहर 2:01 तक
- योग
- परिघ
- करण
- गर
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:20 – दोपहर 1:56
- यमगंड
- सुबह 7:33 – सुबह 9:09
- गुलिक काल
- सुबह 10:44 – दोपहर 12:20
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- सुबह 9:57 – सुबह 11:32
आज कोयंबटूर में
बुध, 4 जून 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र विशाखा, योग परिघ और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:56 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 5 जून 2031 | पूर्णिमा | अनुराधा | दोपहर 1:56 – दोपहर 3:31 |
| शुक्र, 6 जून 2031 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | सुबह 10:45 – दोपहर 12:20 |
| शनि, 7 जून 2031 | द्वितीया | मूल | सुबह 9:09 – सुबह 10:45 |
| रवि, 8 जून 2031 | तृतीया | उत्तराषाढ़ा | शाम 5:08 – शाम 6:43 |
| सोम, 9 जून 2031 | पंचमी | श्रवण | सुबह 7:34 – सुबह 9:10 |
| मंगल, 10 जून 2031 | षष्ठी | धनिष्ठा | दोपहर 3:32 – शाम 5:08 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 4 जून 2031 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 8:51 तक।
बुध, 4 जून 2031 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; दोपहर 2:01 तक।
बुध, 4 जून 2031 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:56 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 4 जून 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।