दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, बुध, 7 मई 2031
बुध, 7 मई 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र स्वाती, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:18 – दोपहर 1:53 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:01
- सूर्यास्त
- शाम 6:35
- तिथि
- पूर्णिमा · सुबह 9:10 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · तड़के 5:39 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- बव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:18 – दोपहर 1:53
- यमगंड
- सुबह 7:36 – सुबह 9:10
- गुलिक काल
- सुबह 10:44 – दोपहर 12:18
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
- अमृत काल
- सुबह 9:57 – सुबह 11:31
आज कोयंबटूर में
बुध, 7 मई 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र स्वाती, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:18 – दोपहर 1:53 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 8 मई 2031 | प्रतिपदा | अनुराधा | दोपहर 1:53 – दोपहर 3:27 |
| शुक्र, 9 मई 2031 | तृतीया | ज्येष्ठा | सुबह 10:44 – दोपहर 12:18 |
| शनि, 10 मई 2031 | चतुर्थी | मूल | सुबह 9:09 – सुबह 10:44 |
| रवि, 11 मई 2031 | पंचमी | पूर्वाषाढ़ा | शाम 5:02 – शाम 6:36 |
| सोम, 12 मई 2031 | षष्ठी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 7:35 – सुबह 9:09 |
| मंगल, 13 मई 2031 | सप्तमी | श्रवण | दोपहर 3:27 – शाम 5:02 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 7 मई 2031 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 9:10 तक।
बुध, 7 मई 2031 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; तड़के 5:39 तक।
बुध, 7 मई 2031 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल दोपहर 12:18 – दोपहर 1:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 7 मई 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त शाम 6:35 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।