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दैनिक पंचांग

कोयंबटूर पंचांग, मंगल, 18 फ़रवरी 2031

मंगल, 18 फ़रवरी 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:01 है।

सूर्योदय
सुबह 6:41
सूर्यास्त
शाम 6:30
तिथि
एकादशी · सुबह 8:28 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · रात 12:26 तक
योग
हर्षण
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:33 – शाम 5:01
यमगंड
सुबह 9:39 – सुबह 11:07
गुलिक काल
दोपहर 12:36 – दोपहर 2:04
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
अमृत काल
सुबह 8:54 – सुबह 10:23

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आज कोयंबटूर में

मंगल, 18 फ़रवरी 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:01 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोयंबटूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 19 फ़रवरी 2031द्वादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:36 – दोपहर 2:04
गुरु, 20 फ़रवरी 2031चतुर्दशीश्रवणदोपहर 2:04 – दोपहर 3:33
शुक्र, 21 फ़रवरी 2031अमावस्याधनिष्ठासुबह 11:07 – दोपहर 12:35
शनि, 22 फ़रवरी 2031प्रतिपदाशतभिषासुबह 9:38 – सुबह 11:06
रवि, 23 फ़रवरी 2031द्वितीयापूर्वा भाद्रपदशाम 5:02 – शाम 6:31
सोम, 24 फ़रवरी 2031तृतीयाउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:08 – सुबह 9:37

सामान्य प्रश्न

मंगल, 18 फ़रवरी 2031 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 8:28 तक।

मंगल, 18 फ़रवरी 2031 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; रात 12:26 तक।

मंगल, 18 फ़रवरी 2031 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?

कोयंबटूर में राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 18 फ़रवरी 2031 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।