दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, शुक्र, 19 अप्रैल 2030
शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र स्वाती, योग वज्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:48 – दोपहर 12:21 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:09
- सूर्यास्त
- शाम 6:33
- तिथि
- द्वितीया · रात 1:36 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · सुबह 10:27 तक
- योग
- वज्र
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:48 – दोपहर 12:21
- यमगंड
- दोपहर 3:27 – शाम 5:00
- गुलिक काल
- सुबह 7:42 – सुबह 9:15
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- दोपहर 1:07 – दोपहर 2:41
आज कोयंबटूर में
शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र स्वाती, योग वज्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:48 – दोपहर 12:21 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 20 अप्रैल 2030 | तृतीया | विशाखा | सुबह 9:14 – सुबह 10:48 |
| रवि, 21 अप्रैल 2030 | चतुर्थी | ज्येष्ठा | शाम 5:00 – शाम 6:33 |
| सोम, 22 अप्रैल 2030 | पंचमी | मूल | सुबह 7:40 – सुबह 9:14 |
| मंगल, 23 अप्रैल 2030 | षष्ठी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 3:27 – शाम 5:00 |
| बुध, 24 अप्रैल 2030 | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:20 – दोपहर 1:53 |
| गुरु, 25 अप्रैल 2030 | अष्टमी | श्रवण | दोपहर 1:53 – दोपहर 3:27 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 1:36 तक।
शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 10:27 तक।
शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल सुबह 10:48 – दोपहर 12:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त शाम 6:33 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।