दैनिक पंचांग
कोयंबटूर पंचांग, मंगल, 2 अप्रैल 2030
मंगल, 2 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शुक्ल और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 3:29 – शाम 5:01 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:18
- सूर्यास्त
- शाम 6:33
- तिथि
- अमावस्या · रात 3:32 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · रात 11:07 तक
- योग
- शुक्ल
- करण
- चतुष्पद
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:29 – शाम 5:01
- यमगंड
- सुबह 9:22 – सुबह 10:54
- गुलिक काल
- दोपहर 12:25 – दोपहर 1:57
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:55 – दोपहर 12:43
- अमृत काल
- सुबह 8:36 – सुबह 10:08
आज कोयंबटूर में
मंगल, 2 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शुक्ल और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 3:29 – शाम 5:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोयंबटूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 3 अप्रैल 2030 | प्रतिपदा | रेवती | दोपहर 12:25 – दोपहर 1:57 |
| गुरु, 4 अप्रैल 2030 | द्वितीया | अश्विनी | दोपहर 1:57 – दोपहर 3:29 |
| शुक्र, 5 अप्रैल 2030 | द्वितीया | भरणी | सुबह 10:52 – दोपहर 12:24 |
| शनि, 6 अप्रैल 2030 | तृतीया | भरणी | सुबह 9:20 – सुबह 10:52 |
| रवि, 7 अप्रैल 2030 | चतुर्थी | कृत्तिका | शाम 5:00 – शाम 6:33 |
| सोम, 8 अप्रैल 2030 | पंचमी | रोहिणी | सुबह 7:47 – सुबह 9:19 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 2 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 3:32 तक।
मंगल, 2 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; रात 11:07 तक।
मंगल, 2 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में राहु काल कब है?
कोयंबटूर में राहु काल दोपहर 3:29 – शाम 5:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 2 अप्रैल 2030 को कोयंबटूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 6:33 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।