दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, सोम, 23 अगस्त 2032
सोम, 23 अगस्त 2032 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:30 – सुबह 9:04 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:57
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- तिथि
- तृतीया · रात 8:16 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · रात 2:45 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- वणिज
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:30 – सुबह 9:04
- यमगंड
- सुबह 10:37 – दोपहर 12:11
- गुलिक काल
- दोपहर 1:44 – दोपहर 3:18
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 6:44 – सुबह 8:17
आज चेन्नई में
सोम, 23 अगस्त 2032 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:30 – सुबह 9:04 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 24 अगस्त 2032 | चतुर्थी | रेवती | दोपहर 3:17 – शाम 4:51 |
| बुध, 25 अगस्त 2032 | पंचमी | अश्विनी | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:44 |
| गुरु, 26 अगस्त 2032 | षष्ठी | भरणी | दोपहर 1:43 – दोपहर 3:17 |
| शुक्र, 27 अगस्त 2032 | सप्तमी | कृत्तिका | सुबह 10:37 – दोपहर 12:10 |
| शनि, 28 अगस्त 2032 | अष्टमी | रोहिणी | सुबह 9:03 – सुबह 10:36 |
| रवि, 29 अगस्त 2032 | नवमी | मृगशिरा | शाम 4:48 – शाम 6:21 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 23 अगस्त 2032 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 8:16 तक।
सोम, 23 अगस्त 2032 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; रात 2:45 तक।
सोम, 23 अगस्त 2032 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 7:30 – सुबह 9:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 23 अगस्त 2032 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।