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दैनिक पंचांग

चेन्नई पंचांग, गुरु, 17 जून 2032

गुरु, 17 जून 2032 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:46 – दोपहर 3:23 है।

सूर्योदय
तड़के 5:43
सूर्यास्त
शाम 6:36
तिथि
नवमी · रात 11:00 तक
नक्षत्र
हस्त · रात 3:59 तक
योग
सिद्धि
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:46 – दोपहर 3:23
यमगंड
तड़के 5:43 – सुबह 7:19
गुलिक काल
सुबह 8:56 – सुबह 10:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
अमृत काल
सुबह 11:21 – दोपहर 12:58

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आज चेन्नई में

गुरु, 17 जून 2032 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:46 – दोपहर 3:23 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

चेन्नई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 18 जून 2032दशमीचित्रासुबह 10:33 – दोपहर 12:10
शनि, 19 जून 2032एकादशीस्वातीसुबह 8:56 – सुबह 10:33
रवि, 20 जून 2032द्वादशीस्वातीशाम 5:00 – शाम 6:37
सोम, 21 जून 2032त्रयोदशीविशाखासुबह 7:20 – सुबह 8:57
मंगल, 22 जून 2032चतुर्दशीज्येष्ठादोपहर 3:24 – शाम 5:01
बुध, 23 जून 2032पूर्णिमामूलदोपहर 12:11 – दोपहर 1:47

सामान्य प्रश्न

गुरु, 17 जून 2032 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 11:00 तक।

गुरु, 17 जून 2032 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 3:59 तक।

गुरु, 17 जून 2032 को चेन्नई में राहु काल कब है?

चेन्नई में राहु काल दोपहर 1:46 – दोपहर 3:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 17 जून 2032 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:43 और सूर्यास्त शाम 6:36 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।