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दैनिक पंचांग

चेन्नई पंचांग, बुध, 21 अप्रैल 2032

बुध, 21 अप्रैल 2032 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:07 – दोपहर 1:41 है।

सूर्योदय
तड़के 5:52
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
एकादशी · शाम 4:56 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · सुबह 6:54 तक
योग
गण्ड
करण
विष्टि
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:07 – दोपहर 1:41
यमगंड
सुबह 7:26 – सुबह 9:00
गुलिक काल
सुबह 10:33 – दोपहर 12:07
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
सुबह 9:47 – सुबह 11:20

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आज चेन्नई में

बुध, 21 अप्रैल 2032 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:07 – दोपहर 1:41 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

चेन्नई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 22 अप्रैल 2032द्वादशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:41 – दोपहर 3:15
शुक्र, 23 अप्रैल 2032त्रयोदशीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:33 – दोपहर 12:07
शनि, 24 अप्रैल 2032चतुर्दशीहस्तसुबह 8:59 – सुबह 10:33
रवि, 25 अप्रैल 2032पूर्णिमाचित्राशाम 4:49 – शाम 6:23
सोम, 26 अप्रैल 2032प्रतिपदास्वातीसुबह 7:24 – सुबह 8:58
मंगल, 27 अप्रैल 2032द्वितीयाविशाखादोपहर 3:15 – शाम 4:49

सामान्य प्रश्न

बुध, 21 अप्रैल 2032 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 4:56 तक।

बुध, 21 अप्रैल 2032 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; सुबह 6:54 तक।

बुध, 21 अप्रैल 2032 को चेन्नई में राहु काल कब है?

चेन्नई में राहु काल दोपहर 12:07 – दोपहर 1:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 21 अप्रैल 2032 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:52 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।