दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, सोम, 5 अप्रैल 2032
सोम, 5 अप्रैल 2032 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग शिव और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:34 – सुबह 9:06 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:20
- तिथि
- दशमी · रात 9:47 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · रात 11:47 तक
- योग
- शिव
- करण
- वणिज
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:34 – सुबह 9:06
- यमगंड
- सुबह 10:39 – दोपहर 12:11
- गुलिक काल
- दोपहर 1:43 – दोपहर 3:16
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 6:48 – सुबह 8:20
आज चेन्नई में
सोम, 5 अप्रैल 2032 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग शिव और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:34 – सुबह 9:06 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 6 अप्रैल 2032 | एकादशी | धनिष्ठा | दोपहर 3:16 – शाम 4:48 |
| बुध, 7 अप्रैल 2032 | द्वादशी | शतभिषा | दोपहर 12:11 – दोपहर 1:43 |
| गुरु, 8 अप्रैल 2032 | त्रयोदशी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:43 – दोपहर 3:15 |
| शुक्र, 9 अप्रैल 2032 | चतुर्दशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 10:37 – दोपहर 12:10 |
| शनि, 10 अप्रैल 2032 | अमावस्या | रेवती | सुबह 9:04 – सुबह 10:37 |
| रवि, 11 अप्रैल 2032 | प्रतिपदा | अश्विनी | शाम 4:48 – शाम 6:21 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 5 अप्रैल 2032 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 9:47 तक।
सोम, 5 अप्रैल 2032 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 11:47 तक।
सोम, 5 अप्रैल 2032 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 7:34 – सुबह 9:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 5 अप्रैल 2032 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।