दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, रवि, 1 फ़रवरी 2032
रवि, 1 फ़रवरी 2032 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग अतिगण्ड और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:42 – शाम 6:09 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:35
- सूर्यास्त
- शाम 6:09
- तिथि
- पंचमी · तड़के 5:27 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी · दोपहर 1:01 तक
- योग
- अतिगण्ड
- करण
- कौलव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:42 – शाम 6:09
- यमगंड
- दोपहर 12:22 – दोपहर 1:49
- गुलिक काल
- दोपहर 3:16 – शाम 4:42
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- दोपहर 1:05 – दोपहर 2:32
आज चेन्नई में
रवि, 1 फ़रवरी 2032 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग अतिगण्ड और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:42 – शाम 6:09 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 2 फ़रवरी 2032 | षष्ठी | हस्त | सुबह 8:02 – सुबह 9:28 |
| मंगल, 3 फ़रवरी 2032 | षष्ठी | चित्रा | दोपहर 3:16 – शाम 4:43 |
| बुध, 4 फ़रवरी 2032 | सप्तमी | स्वाती | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 5 फ़रवरी 2032 | अष्टमी | विशाखा | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:17 |
| शुक्र, 6 फ़रवरी 2032 | नवमी | अनुराधा | सुबह 10:55 – दोपहर 12:22 |
| शनि, 7 फ़रवरी 2032 | एकादशी | ज्येष्ठा | सुबह 9:28 – सुबह 10:55 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 1 फ़रवरी 2032 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; तड़के 5:27 तक।
रवि, 1 फ़रवरी 2032 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; दोपहर 1:01 तक।
रवि, 1 फ़रवरी 2032 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल शाम 4:42 – शाम 6:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 1 फ़रवरी 2032 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:35 और सूर्यास्त शाम 6:09 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।