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दैनिक पंचांग

चेन्नई पंचांग, बुध, 31 दिसंबर 2031

बुध, 31 दिसंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पुष्य, योग इन्द्र और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:36 है।

सूर्योदय
सुबह 6:30
सूर्यास्त
शाम 5:52
तिथि
तृतीया · सुबह 6:20 तक
नक्षत्र
पुष्य · रात 7:52 तक
योग
इन्द्र
करण
वणिज
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:11 – दोपहर 1:36
यमगंड
सुबह 7:55 – सुबह 9:21
गुलिक काल
सुबह 10:46 – दोपहर 12:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 10:03 – सुबह 11:29

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आज चेन्नई में

बुध, 31 दिसंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पुष्य, योग इन्द्र और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:36 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

चेन्नई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 1 जनवरी 2032तृतीयाआश्लेषादोपहर 1:37 – दोपहर 3:02
शुक्र, 2 जनवरी 2032चतुर्थीमघासुबह 10:47 – दोपहर 12:12
शनि, 3 जनवरी 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:22 – सुबह 10:47
रवि, 4 जनवरी 2032षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:29 – शाम 5:55
सोम, 5 जनवरी 2032सप्तमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 7:57 – सुबह 9:23
मंगल, 6 जनवरी 2032अष्टमीहस्तदोपहर 3:05 – शाम 4:30

सामान्य प्रश्न

बुध, 31 दिसंबर 2031 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 6:20 तक।

बुध, 31 दिसंबर 2031 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; रात 7:52 तक।

बुध, 31 दिसंबर 2031 को चेन्नई में राहु काल कब है?

चेन्नई में राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 31 दिसंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:30 और सूर्यास्त शाम 5:52 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।