दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, मंगल, 23 दिसंबर 2031
मंगल, 23 दिसंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र अश्विनी, योग वरीयान और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:23 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:26
- सूर्यास्त
- शाम 5:48
- तिथि
- दशमी · शाम 4:19 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी · तड़के 4:00 तक
- योग
- वरीयान
- करण
- गर
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:58 – शाम 4:23
- यमगंड
- सुबह 9:17 – सुबह 10:42
- गुलिक काल
- दोपहर 12:07 – दोपहर 1:32
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
- अमृत काल
- सुबह 8:34 – सुबह 9:59
आज चेन्नई में
मंगल, 23 दिसंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र अश्विनी, योग वरीयान और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 24 दिसंबर 2031 | एकादशी | भरणी | दोपहर 12:08 – दोपहर 1:33 |
| गुरु, 25 दिसंबर 2031 | द्वादशी | कृत्तिका | दोपहर 1:33 – दोपहर 2:59 |
| शुक्र, 26 दिसंबर 2031 | त्रयोदशी | कृत्तिका | सुबह 10:44 – दोपहर 12:09 |
| शनि, 27 दिसंबर 2031 | चतुर्दशी | रोहिणी | सुबह 9:19 – सुबह 10:44 |
| रवि, 28 दिसंबर 2031 | पूर्णिमा | मृगशिरा | शाम 4:25 – शाम 5:51 |
| सोम, 29 दिसंबर 2031 | प्रतिपदा | आर्द्रा | सुबह 7:54 – सुबह 9:20 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 23 दिसंबर 2031 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; शाम 4:19 तक।
मंगल, 23 दिसंबर 2031 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; तड़के 4:00 तक।
मंगल, 23 दिसंबर 2031 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 23 दिसंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:26 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।