दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, शनि, 27 सितंबर 2031
शनि, 27 सितंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र श्रवण, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:59 – सुबह 10:29 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:01
- तिथि
- एकादशी · सुबह 10:20 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · दोपहर 1:12 तक
- योग
- अतिगण्ड
- करण
- विष्टि
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:59 – सुबह 10:29
- यमगंड
- दोपहर 1:30 – दोपहर 3:00
- गुलिक काल
- तड़के 5:58 – सुबह 7:28
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
- अमृत काल
- दोपहर 2:15 – दोपहर 3:46
आज चेन्नई में
शनि, 27 सितंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र श्रवण, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:59 – सुबह 10:29 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 28 सितंबर 2031 | द्वादशी | धनिष्ठा | शाम 4:30 – शाम 6:01 |
| सोम, 29 सितंबर 2031 | चतुर्दशी | शतभिषा | सुबह 7:28 – सुबह 8:58 |
| मंगल, 30 सितंबर 2031 | पूर्णिमा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 2:59 – शाम 4:29 |
| बुध, 1 अक्टूबर 2031 | प्रतिपदा | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 11:58 – दोपहर 1:28 |
| गुरु, 2 अक्टूबर 2031 | द्वितीया | रेवती | दोपहर 1:28 – दोपहर 2:58 |
| शुक्र, 3 अक्टूबर 2031 | तृतीया | अश्विनी | सुबह 10:28 – सुबह 11:57 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 27 सितंबर 2031 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 10:20 तक।
शनि, 27 सितंबर 2031 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; दोपहर 1:12 तक।
शनि, 27 सितंबर 2031 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 8:59 – सुबह 10:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 27 सितंबर 2031 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।