दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, शनि, 25 जनवरी 2031
शनि, 25 जनवरी 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सिद्धि और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:28 – सुबह 10:54 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:35
- सूर्यास्त
- शाम 6:06
- तिथि
- तृतीया · रात 1:38 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · सुबह 7:37 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- तैतिल
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:28 – सुबह 10:54
- यमगंड
- दोपहर 1:47 – दोपहर 3:13
- गुलिक काल
- सुबह 6:35 – सुबह 8:02
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
- अमृत काल
- दोपहर 2:30 – दोपहर 3:57
आज चेन्नई में
शनि, 25 जनवरी 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सिद्धि और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:28 – सुबह 10:54 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 26 जनवरी 2031 | चतुर्थी | शतभिषा | शाम 4:40 – शाम 6:06 |
| सोम, 27 जनवरी 2031 | पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 8:02 – सुबह 9:28 |
| मंगल, 28 जनवरी 2031 | षष्ठी | रेवती | दोपहर 3:14 – शाम 4:41 |
| बुध, 29 जनवरी 2031 | सप्तमी | रेवती | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:48 |
| गुरु, 30 जनवरी 2031 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 1:48 – दोपहर 3:15 |
| शुक्र, 31 जनवरी 2031 | नवमी | भरणी | सुबह 10:55 – दोपहर 12:22 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 25 जनवरी 2031 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 1:38 तक।
शनि, 25 जनवरी 2031 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; सुबह 7:37 तक।
शनि, 25 जनवरी 2031 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 9:28 – सुबह 10:54 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 25 जनवरी 2031 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:35 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।