दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, सोम, 6 जनवरी 2031
सोम, 6 जनवरी 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रोहिणी, योग शुभ और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:58 – सुबह 9:23 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:32
- सूर्यास्त
- शाम 5:56
- तिथि
- त्रयोदशी · शाम 6:47 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · सुबह 9:51 तक
- योग
- शुभ
- करण
- तैतिल
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:58 – सुबह 9:23
- यमगंड
- सुबह 10:49 – दोपहर 12:14
- गुलिक काल
- दोपहर 1:40 – दोपहर 3:05
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:46 – दोपहर 12:34
- अमृत काल
- सुबह 7:15 – सुबह 8:41
आज चेन्नई में
सोम, 6 जनवरी 2031 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रोहिणी, योग शुभ और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:58 – सुबह 9:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 7 जनवरी 2031 | चतुर्दशी | मृगशिरा | दोपहर 3:05 – शाम 4:31 |
| बुध, 8 जनवरी 2031 | पूर्णिमा | आर्द्रा | दोपहर 12:15 – दोपहर 1:40 |
| गुरु, 9 जनवरी 2031 | प्रतिपदा | पुनर्वसु | दोपहर 1:41 – दोपहर 3:06 |
| शुक्र, 10 जनवरी 2031 | द्वितीया | पुष्य | सुबह 10:50 – दोपहर 12:16 |
| शनि, 11 जनवरी 2031 | तृतीया | आश्लेषा | सुबह 9:25 – सुबह 10:51 |
| रवि, 12 जनवरी 2031 | चतुर्थी | मघा | शाम 4:34 – शाम 5:59 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 6 जनवरी 2031 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; शाम 6:47 तक।
सोम, 6 जनवरी 2031 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; सुबह 9:51 तक।
सोम, 6 जनवरी 2031 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 7:58 – सुबह 9:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 6 जनवरी 2031 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 5:56 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।