दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, शुक्र, 1 नवंबर 2030
शुक्र, 1 नवंबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग सुकर्मा और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:24 – सुबह 11:52 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- शाम 5:42
- तिथि
- षष्ठी · सुबह 8:04 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · सुबह 8:29 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:24 – सुबह 11:52
- यमगंड
- दोपहर 2:47 – शाम 4:14
- गुलिक काल
- सुबह 7:30 – सुबह 8:57
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:23 – दोपहर 12:11
- अमृत काल
- दोपहर 12:36 – दोपहर 2:03
आज चेन्नई में
शुक्र, 1 नवंबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग सुकर्मा और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:24 – सुबह 11:52 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 2 नवंबर 2030 | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 8:57 – सुबह 10:25 |
| रवि, 3 नवंबर 2030 | नवमी | श्रवण | शाम 4:14 – शाम 5:41 |
| सोम, 4 नवंबर 2030 | दशमी | धनिष्ठा | सुबह 7:30 – सुबह 8:57 |
| मंगल, 5 नवंबर 2030 | एकादशी | शतभिषा | दोपहर 2:46 – शाम 4:13 |
| बुध, 6 नवंबर 2030 | द्वादशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 11:52 – दोपहर 1:19 |
| गुरु, 7 नवंबर 2030 | त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:19 – दोपहर 2:46 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 1 नवंबर 2030 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 8:04 तक।
शुक्र, 1 नवंबर 2030 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; सुबह 8:29 तक।
शुक्र, 1 नवंबर 2030 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 10:24 – सुबह 11:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 1 नवंबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 5:42 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।